विस्तृत उत्तर
स्नान यात्रा = देवता सार्वजनिक अभिषेक — जगन्नाथ विशेष:
क्या: ज्येष्ठ पूर्णिमा = जगन्नाथ/बलभद्र/सुभद्रा = स्नान पूर्णिमा। 108 कलश जल से अभिषेक — सार्वजनिक दर्शन।
विधि: मूर्तियां गर्भगृह → स्नान वेदी (बाहर) → 108 स्वर्ण कलश + कुआं जल → अभिषेक → सभी भक्त दर्शन।
बाद: अभिषेक → भगवान 'बीमार' (ज्वर) → 15 दिन 'अनसर घर' (एकांत) → भक्त दर्शन नहीं → नव यौवन (नया रंग-रोगन) → रथ यात्रा = पुनः दर्शन!
अन्य मंदिर: तेप्पोत्सव (नौका), अभिषेकम (दैनिक) = स्नान विधि भिन्न रूप।





