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मंदिर उत्सव📜 जगन्नाथ परंपरा1 मिनट पठन

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

संक्षिप्त उत्तर

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

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विस्तृत उत्तर

स्नान यात्रा = देवता सार्वजनिक अभिषेक — जगन्नाथ विशेष:

क्या: ज्येष्ठ पूर्णिमा = जगन्नाथ/बलभद्र/सुभद्रा = स्नान पूर्णिमा। 108 कलश जल से अभिषेक — सार्वजनिक दर्शन।

विधि: मूर्तियां गर्भगृह → स्नान वेदी (बाहर) → 108 स्वर्ण कलश + कुआं जल → अभिषेक → सभी भक्त दर्शन।

बाद: अभिषेक → भगवान 'बीमार' (ज्वर) → 15 दिन 'अनसर घर' (एकांत) → भक्त दर्शन नहीं → नव यौवन (नया रंग-रोगन) → रथ यात्रा = पुनः दर्शन!

अन्य मंदिर: तेप्पोत्सव (नौका), अभिषेकम (दैनिक) = स्नान विधि भिन्न रूप।

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शास्त्रीय स्रोत
जगन्नाथ परंपरा
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