विस्तृत उत्तर
गन्ने के रस (इक्षुरस) से शिवलिंग का अभिषेक शिव पुराण में विशेष फलदायी बताया गया है:
शिव पुराण का श्लोक
श्रिया इक्षुरसेन वै' — गन्ने के रस से अभिषेक करने से 'श्री' (लक्ष्मी/समृद्धि) की प्राप्ति होती है।
फल
1आर्थिक समृद्धि (श्री प्राप्ति)
गन्ने का रस मिठास और रस (धन) का प्रतीक है। इससे अभिषेक करने पर धन-संपत्ति में वृद्धि, व्यापार में लाभ और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
2कर्ज मुक्ति
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति कर्ज से दबा है, यदि वह गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करे तो ऋण से मुक्ति मिलती है।
3जीवन में मधुरता
गन्ने का रस मधुर (मीठा) होता है — इससे जीवन में मिठास, प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
4गुरु ग्रह बल
गन्ने का रस बृहस्पति (गुरु) ग्रह से संबंधित माना गया है। इससे अभिषेक करने पर गुरु ग्रह बलवान होता है — ज्ञान, विवेक और सम्मान प्राप्त होता है।
विधि
- ▸ताजा निकाला हुआ गन्ने का शुद्ध रस प्रयोग करें।
- ▸पहले गंगाजल/शुद्ध जल से अभिषेक करें, फिर गन्ने के रस से।
- ▸रस चढ़ाने के बाद पुनः शुद्ध जल से शिवलिंग धोएं।
- ▸रुद्राष्टाध्यायी या 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।
- ▸सावन सोमवार या शिवरात्रि पर विशेष फलदायी।





