विस्तृत उत्तर
रथ यात्रा = आषाढ़ शुक्ल द्वितीया; विश्व प्रसिद्ध; जगन्नाथ (कृष्ण), बलभद्र, सुभद्रा तीन विशाल रथों पर गुंडिचा मंदिर तक।
आध्यात्मिक महत्व
- 1भगवान स्वयं बाहर आते हैं — गर्भगृह से बाहर; सभी वर्ण/जाति = समान दर्शन। 'जगन्नाथ = जगत के नाथ' — सबके भगवान।
- 2भक्ति = सर्वोपरि — चैतन्य महाप्रभु यहां नृत्य करते थे; रथ खींचना = सेवा।
- 3रथ खींचना = मोक्ष — 'रथ यात्रा में रथ रस्सी छूना = 100 यज्ञ' (पौराणिक)।
- 4जगन्नाथ = अपूर्ण मूर्ति — बिना हाथ-पैर; भक्ति भाव > बाह्य सौंदर्य।
'Juggernaut' शब्द अंग्रेजी में जगन्नाथ रथ से आया = विशाल अजेय शक्ति।


