विस्तृत उत्तर
51 शक्तिपीठ = देवी सती के शरीर अंग जहाँ गिरे — विष्णु सुदर्शन चक्र से।
कथा: दक्ष यज्ञ में सती ने आत्मदाह किया → शिव तांडव + सती शरीर लेकर भटके → विष्णु ने चक्र से शरीर खंडित → 51 स्थान पर अंग गिरे = 51 शक्तिपीठ।
महत्व: प्रत्येक पीठ = देवी शक्ति का एक रूप — भैरव (शिव) भी। सम्पूर्ण यात्रा = आदिशक्ति की पूर्ण कृपा। सभी कष्ट/दोष/बाधा नाश। स्त्री शक्ति सम्मान।
प्रमुख: कामाख्या (असम), कालीघाट (कोलकाता), विंध्यवासिनी (UP), ज्वालामुखी (हिमाचल), हिंगलाज (बलूचिस्तान, पाकिस्तान)।





