विस्तृत उत्तर
गया (बिहार) = पिंडदान का सर्वश्रेष्ठ स्थान; विष्णुपद मंदिर + फल्गु नदी। गरुड़ पुराण/विष्णु पुराण — विष्णु ने गया को पिंडदान सर्वोत्तम घोषित किया।
कैसे करें: गया पहुंचें → स्थानीय गयावाल पंडा (कुल पुजारी) से संपर्क → वे पूरी विधि कराते हैं (3-7 दिन)। विष्णुपद मंदिर → फल्गु नदी तट → अक्षयवट → 45+ वेदियों पर पिंडदान (विस्तृत)।
विधि (सरल): संकल्प (गोत्र+मृतक नाम) → तिल-जल तर्पण → पिंड निर्माण (चावल/जौ+तिल+शहद+दूध) → मंत्रोच्चार → फल्गु में विसर्जन → ब्राह्मण भोज + दान।
फल्गु विशेष: सीता शाप — सीता ने फल्गु को शाप दिया कि भूमिगत बहेगी। इसलिए फल्गु = सतह पर सूखी, भूमिगत बहती (अद्भुत)।
शुल्क: पंडा ₹2,000-15,000+ (दिन/विधि अनुसार)। पितृपक्ष = सबसे शुभ पर सबसे भीड़।





