विस्तृत उत्तर
रामनाथस्वामी मंदिर (12 ज्योतिर्लिंग) में 22 पवित्र कुंड (तीर्थम) — स्नान = शरीर-मन-आत्मा शुद्धि।
कथा: भगवान राम ने अपने तरकश के 22 बाणों से 22 कुंड बनाए — सेना की प्यास बुझाने (रामायण मान्यता)।
क्रम (web-verified): अग्नि तीर्थम (समुद्र स्नान — बाहर, सबसे पहले) → फिर मंदिर अंदर 22 कुंड: महालक्ष्मी → गायत्री → सावित्री → सरस्वती → गव्य → गव्याक्ष → नल → नील → सेतुमाधव → गंधमाधव → ब्रह्महत्या विमोचन → शंखु → सूर्य → चंद्र → चक्र → शिव → सर्व → सत्यामृत → गया → गंगा → यमुना → कोडी (अंतिम, सबसे पवित्र — कृष्ण कंस वध पाप से मुक्त)।
कैसे: ₹25 टिकट; मंदिर कर्मचारी बाल्टी से कुंड जल सिर पर डालते हैं। गाइड (₹100-200) = क्रम+कथा बताता है। ~40-120 मिनट (भीड़ अनुसार)।
नियम: पारंपरिक वस्त्र; केसरिया कपड़े वर्जित (गृहस्थ); साबुन/शैम्पू वर्जित; मोबाइल/कैमरा न ले जाएं। तौलिया+अतिरिक्त कपड़े साथ। सुबह जल्दी जाएं = कम भीड़।
समय: 5:30AM-12:30PM + 3-7PM। अक्टूबर-मार्च = सर्वोत्तम मौसम।





