विस्तृत उत्तर
शृंगेरी = आदि शंकराचार्य का प्रथम और प्रमुख मठ; कर्नाटक; तुंगा नदी तट। 4 मठों में दक्षिण दिशा।
इतिहास: शंकराचार्य (~788-820 ई.) ने 8वीं शताब्दी में स्थापित। यहां ऋष्यशृंग ऋषि तपस्या (शृंगेरी नाम)। शंकराचार्य को यहां एक मेंढक ने सांप की छाया में बैठे देखा → अहिंसा/शांति = पवित्र स्थान।
विशेष: शारदा देवी मंदिर (सरस्वती — अत्यंत शक्तिशाली); विद्या तीर्थ (शिक्षा केंद्र); अद्वैत वेदांत परंपरा। विद्याशंकर मंदिर (12 राशि स्तंभ — सूर्य किरण राशि अनुसार स्तंभ पर पड़ती)।
पहुंचें: मंगलुरु (~100km)/बैंगलोर (~335km)। शांत/आध्यात्मिक वातावरण।





