विस्तृत उत्तर
देवप्रयाग = जहां भागीरथी + अलकनंदा मिलती हैं → इसके बाद नदी 'गंगा' कहलाती है।
भागीरथी: गोमुख (गंगोत्री ग्लेशियर) से निकलती है। अलकनंदा: सतोपंथ ग्लेशियर (बद्रीनाथ के पास) से। देवप्रयाग (ऋषिकेश से ~70km उत्तर) = संगम बिंदु। यहां से 'गंगा' नाम शुरू।
पंच प्रयाग (उत्तराखंड): विष्णुप्रयाग → नंदप्रयाग → कर्णप्रयाग → रुद्रप्रयाग → देवप्रयाग = 5 पवित्र संगम। देवप्रयाग = अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण।
दर्शन: संगम स्नान (भागीरथी = हल्के रंग; अलकनंदा = गहरे — दो रंग स्पष्ट दिखते)। रघुनाथ मंदिर (प्राचीन)। छोटा चारधाम मार्ग पर।





