विस्तृत उत्तर
संतुलित दृष्टि:
अनुचित कहां: गर्भगृह/मूर्ति के सामने (अधिकांश मंदिर वर्जित), पूजा/आरती के दौरान, अन्य भक्तों को बाधा, पवित्र कुंड/स्नान स्थल। शांत/ध्यान क्षेत्र।
स्वीकार्य कहां: मंदिर बाहरी परिसर/वास्तुकला, प्रवेश द्वार, बगीचा/प्रांगण (जहां अनुमत)। स्मृति = स्वाभाविक इच्छा।
मूल सिद्धांत: तीर्थ = भक्ति/आध्यात्मिक अनुभव; सेल्फी = सांसारिक। भक्ति पहले, फोटो बाद में। अन्य भक्तों का ध्यान न भंग हो। मंदिर नियम = सर्वोपरि।
व्यावहारिक: मोबाइल साइलेंट; फ्लैश बंद; 'No Photography' बोर्ड का सम्मान। दर्शन = आंखों से (सबसे शक्तिशाली 'कैमरा')।





