विस्तृत उत्तर
तीर्थ जल (गंगाजल/यमुना/नर्मदा आदि) घर लाना = अत्यंत शुभ।
नियम: स्वच्छ पात्र (तांबा/कांच/स्टील सर्वोत्तम; प्लास्टिक = चलता, लंबे समय तांबा बेहतर)। ढक्कन पूर्ण बंद। शुद्ध हाथों से भरें; मंत्र बोलें ('ॐ गंगायै नमः' / तीर्थ अनुसार)।
घर लाने पर: पूजा स्थल/शुद्ध जगह रखें। जमीन पर न रखें। चप्पल पहनकर न छुएं। अशुद्ध हाथों से न खोलें।
उपयोग: पूजा/अभिषेक, चरणामृत, घर शुद्धि (छिड़काव), नए कार्य आरंभ, बीमार को (2-3 बूंद), अंतिम समय। नया जल पुराने में मिलाएं = पुरानी परंपरा।





