विस्तृत उत्तर
तीर्थ स्थलों पर 'विशेष ऊर्जा' महसूस होना = लाखों भक्तों का अनुभव। कारण:
आध्यात्मिक: हजारों वर्ष मंत्र जप/पूजा/ध्यान = संचित ऊर्जा (मान्यता)। देवता का वास (प्राण प्रतिष्ठा)। ऋषि/संतों तपस्या स्थल।
वैज्ञानिक/तार्किक: भौगोलिक स्थिति — अधिकांश प्राचीन मंदिर = पृथ्वी के विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा बिंदुओं पर। पर्वत/नदी संगम/गुफा = प्राकृतिक ऊर्जा केंद्र। मंदिर वास्तुकला — गर्भगृह = तांबे कलश + ग्रेनाइट + विशिष्ट ज्यामिति = ऊर्जा संकेंद्रण। मनोवैज्ञानिक — सामूहिक भक्ति, शांत वातावरण, अपेक्षा = मन शांत।
संतुलित: अनुभव = वास्तविक; कारण = आध्यात्मिक + वैज्ञानिक + मनोवैज्ञानिक मिश्रित। सभी मान्य।





