विस्तृत उत्तर
गंगोत्री = गंगा नदी उद्गम स्थल; यमुनोत्री = यमुना नदी उद्गम। दोनों = छोटा चारधाम के प्रथम दो धाम।
गंगोत्री (~3,100m): गंगा = मोक्षदायिनी; उद्गम पर स्नान/पूजा = करोड़ गुना पुण्य। गोमुख (गंगोत्री ग्लेशियर) = वास्तविक उद्गम (गंगोत्री से 18km trek)। गंगा जल यहां से भरकर ले जाएं = अमूल्य।
यमुनोत्री (~3,293m): यमुना = सूर्य पुत्री, यम बहन। दिव्य शिला पूजा + सूर्यकुंड (गर्म पानी — चावल/आलू पकते हैं)। कपड़े में बांधकर सूर्यकुंड में डालें = प्रसाद।
यात्रा क्रम: यमुनोत्री (पहले) → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ। दोनों मई-नवंबर।


