ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
ध्यान सिद्धि📜 पतंजलि (3.16, 3.33), योग शास्त्र1 मिनट पठन

ध्यान से भविष्य का ज्ञान प्राप्त होता है क्या?

संक्षिप्त उत्तर

हां — पतंजलि (3.16): 'परिणाम संयम=भविष्य ज्ञान।' (3.33): 'प्रातिभ से सब।' Intuition↑ = 'पहले पता।' किन्तु: 100%≠, 'सिद्धि=बाधा', Wisdom>prediction। मोक्ष=लक्ष्य।

📖

विस्तृत उत्तर

भविष्य ज्ञान = शास्त्रीय — हां (पतंजलि verified):

पतंजलि

  • (3.16): 'परिणामत्रयसंयमात् अतीतानागतज्ञानम्' — परिणाम त्रय संयम = अतीत + भविष्य ज्ञान।
  • (3.33): 'प्रातिभात् वा सर्वम्' — 'अंतर्ज्ञान (प्रातिभ) से सब कुछ (जाना जा सकता है)।'

कैसे: ध्यान → intuition ↑↑ → 'कुछ होने से पहले पता' = भविष्य बोध (अंश)।

सावधानी

  • 100% भविष्यवाणी ≠ योग। संभावनाएं = अनुभव, definite = नहीं।
  • पतंजलि (3.37): 'सिद्धि = बाधा!'
  • ज्योतिषी बनना ≠ ध्यान लक्ष्य। मोक्ष = लक्ष्य।

व्यावहारिक: ध्यानी = सही निर्णय → परिणाम = 'भविष्य जाना' जैसा। Wisdom > prediction।

📜
शास्त्रीय स्रोत
पतंजलि (3.16, 3.33), योग शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

भविष्यज्ञानध्यानसंभवintuition

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

ध्यान से भविष्य का ज्ञान प्राप्त होता है क्या — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको ध्यान सिद्धि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर पतंजलि (3.16, 3.33), योग शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।