विस्तृत उत्तर
भविष्य ज्ञान = शास्त्रीय — हां (पतंजलि verified):
पतंजलि
- ▸(3.16): 'परिणामत्रयसंयमात् अतीतानागतज्ञानम्' — परिणाम त्रय संयम = अतीत + भविष्य ज्ञान।
- ▸(3.33): 'प्रातिभात् वा सर्वम्' — 'अंतर्ज्ञान (प्रातिभ) से सब कुछ (जाना जा सकता है)।'
कैसे: ध्यान → intuition ↑↑ → 'कुछ होने से पहले पता' = भविष्य बोध (अंश)।
सावधानी
- ▸100% भविष्यवाणी ≠ योग। संभावनाएं = अनुभव, definite = नहीं।
- ▸पतंजलि (3.37): 'सिद्धि = बाधा!'
- ▸ज्योतिषी बनना ≠ ध्यान लक्ष्य। मोक्ष = लक्ष्य।
व्यावहारिक: ध्यानी = सही निर्णय → परिणाम = 'भविष्य जाना' जैसा। Wisdom > prediction।





