विस्तृत उत्तर
भगवान का छठा अवतार दत्तात्रेय के रूप में बताया गया है। अनसूया के वर माँगने पर भगवान अत्रि की संतान के रूप में दत्तात्रेय हुए। पाठ कहता है कि इस अवतार में उन्होंने अलर्क और प्रह्लाद आदि को ज्ञान का उपदेश दिया। यहाँ दत्तात्रेय अवतार का मुख्य रूप ज्ञान-प्रदाता के रूप में आता है। उनके जीवन की विस्तृत कथा नहीं दी गई, इसलिए उसी तक सीमित रहना चाहिए जो पाठ कहता है: वे अत्रि और अनसूया से संबंधित अवतार हैं और उन्होंने ज्ञान का उपदेश किया। इस तरह दत्तात्रेय अवतार भक्ति-परंपरा में ज्ञान, उपदेश और आत्मिक मार्गदर्शन से जुड़ा हुआ बताया गया है।
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