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विस्तृत उत्तर
नकुलीश अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में बताए गए हैं। सूची में उनका उल्लेख जगद्गुरु नकुलीश के रूप में अंत में आता है। उनसे पहले सोमशर्मा और सहिष्णु आदि नाम आते हैं। पाठ में इन सभी को महेश्वर के योगाचार्यावतार कहा गया है, जो युगावर्तों में हुए। इसलिए नकुलीश को यहाँ महेश्वर-प्रवर्तित योगाचार्य परम्परा के जगद्गुरु रूप में रखा गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 30-34
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