शिव रूप महिमादक्षिणामूर्ति रूप में शिव किसे ज्ञान देते हैंदक्षिणामूर्ति रूप में शिव ने वट-वृक्ष के नीचे सनकादि चारों ऋषियों को मौन के माध्यम से ब्रह्म-ज्ञान का उपदेश दिया। यह रूप शिव के आदि-गुरु स्वरूप का प्रतीक है — परम ज्ञान वाणी से नहीं, मौन से मिलता है।#दक्षिणामूर्ति#सनकादि ऋषि#मौन उपदेश
महादेव उपासनामहादेव को प्रणवयुक्त मंत्रों से नमस्कार क्यों करना चाहिए?विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि महादेव का सद्भाव जानकर प्रणवयुक्त साममंत्रों से उन्हें नमस्कार करें, अन्यथा वे क्रोधित हो सकते हैं।
योगावतारनकुलीश कौन हैं?नकुलीश अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में अंतिम रूप से बताए गए जगद्गुरु हैं।#नकुलीश#जगद्गुरु#योगाचार्य