विस्तृत उत्तर
महादेव को प्रणवयुक्त मंत्रों से नमस्कार करने का कारण विष्णु के उपदेश में बताया गया है। वे ब्रह्मा से कहते हैं कि परमेश्वर महादेव का सद्भाव जानकर और विष्णु को पहचानकर प्रणवयुक्त साममंत्रों से भूतों के भी महाभूत, वरदाता, जगद्गुरु प्रभु महादेव को नमस्कार करके उठें। विष्णु चेतावनी देते हैं कि अन्यथा महादेव क्रोधित होकर अपने निःश्वास से दोनों को दग्ध कर सकते हैं। उनके महान् योग और अमित बल को जानकर विष्णु ब्रह्मा को आगे करके अग्निसदृश प्रभाव वाले महादेव के निकट खड़े होकर स्तुति करने की बात कहते हैं।
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