शिव पुराण माहात्म्यशिव पुराण सुनने से क्या फल मिलता हैशिव पुराण श्रवण से समस्त पाप नष्ट होते हैं, चित्त शुद्ध होता है, ज्ञान-वैराग्य-भक्ति जागृत होती है और अंत में शिवलोक की प्राप्ति होती है। यह भवबंधन से मुक्त करने वाला सर्वोत्तम ग्रंथ है।#शिव पुराण फल#पाप नाश#मोक्ष
पाशुपत योगपाशुपत योग से परम ऐश्वर्य कैसे मिलता है?पाशुपत योग सबको परम ऐश्वर्य दिलाने हेतु पशुपति रुद्र द्वारा प्रवर्तित बताया गया है।#पाशुपत योग#परम ऐश्वर्य#पशुपति रुद्र
पाशुपत योगपाशुपत योग प्राप्त करने से क्या फल मिला?पाशुपत योग प्राप्त करने से शिष्य और प्रशिष्य शिवलोक के अधिकारी हुए।#पाशुपत योग#शिवलोक#शिष्य
पाशुपत योगयोगाचार्यों के शिष्य और प्रशिष्य कहाँ पहुँचे?योगाचार्यों के सैकड़ों-हजारों शिष्य और प्रशिष्य पाशुपत योग प्राप्त कर शिवलोक के अधिकारी हुए।#शिष्य#प्रशिष्य#पाशुपत योग
लोक वर्णनशिवलोक रुद्रलोक और हाटकेश्वर का वर्णन कहाँ आता है?शिवलोक, भूमिष्ठ रुद्रलोक और पातालस्थ हाटकेश्वर का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में आता है।#शिवलोक#रुद्रलोक#हाटकेश्वर
साधना के फल और सिद्धियाँनमः शिवाय से मोक्ष कैसे मिलता है?नमः शिवाय साधना से शिव की अहैतुकी कृपा मिलती है जिससे साधक शिवलोक प्राप्त करता है, जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होता है और 'शिवत्व' (शिव-चेतना) के साथ एकाकार हो जाता है।#मोक्ष#शिवलोक#जन्म मृत्यु चक्र
महेश्वर कवचम् के श्लोक और अर्थमहेश्वर कवचम् की फलश्रुति क्या है?फलश्रुति: 'माहेश्वरस्य कवचम सर्व व्याधि निशोधनं...' — नित्य पाठ करने वाले को सभी रोगों से मुक्ति, सभी वांछित फल और चिरकाल तक शिवलोक में वास प्राप्त होता है।#फलश्रुति#व्याधि निशोधन#सर्वकामफल
फलश्रुति और लाभनीलकंठ स्तोत्र पाठ से मृत्यु के बाद क्या होता है?नीलकंठ स्तोत्र का सर्वोच्च फल है 'शिवलोकं स गच्छति' — भक्तिपूर्वक पाठ करने वाला साधक मृत्यु के पश्चात शिवलोक को प्राप्त होता है।#शिवलोक#मोक्ष#मृत्यु के बाद
फलश्रुति और लाभनीलकंठ स्तोत्र पाठ से क्या फल मिलता है?नीलकंठ स्तोत्र पाठ से सभी रोग नष्ट होते हैं, विष का प्रभाव समाप्त होता है, भूत-प्रेत भागते हैं, सर्वत्र विजय मिलती है और मृत्यु के बाद शिवलोक प्राप्त होता है।#फलश्रुति#रोग नाश#विजय
स्तोत्र पाठबिल्वाष्टकम् का पाठ करने से क्या फल (फलश्रुति) मिलता है?जो व्यक्ति भगवान शिव के सामने इस 'बिल्वाष्टकम्' स्तोत्र का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त होकर अंत में शिवलोक (मोक्ष) को प्राप्त करता है।#फलश्रुति#शिवलोक#पाप मुक्ति