विस्तृत उत्तर
नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र के पाठ से प्राप्त होने वाले फल:
रोग एवं विष शमन: सभी रोग नष्ट हो जाते हैं (रोगाह सर्वे प्रणश्यंती), और किसी भी प्रकार के विष का प्रभाव समाप्त हो जाता है (विषं विद्रवते)। असाध्य रोगों का भी विनाश हो जाता है।
नकारात्मकता का नाश: दुष्ट भूत, प्रेत और पिशाच भाग जाते हैं। साधक को सभी प्रकार के ग्रह दोषों, तंत्र-मंत्र की बाधाओं और मृत्यु भय से मुक्ति मिलती है।
विजय और सिद्धि: साधक को सर्वत्र विजय प्राप्त होती है (सर्वत्र विजय भवेत), और धीरे-धीरे व्यक्ति सिद्धि की ओर बढ़ने लगता है।
परम लक्ष्य: शिवलोकं स गच्छति — साधक मृत्यु के पश्चात शिवलोक को प्राप्त होता है।





