विस्तृत उत्तर
हाँ। स्तोत्र का पाठ सभी प्रकार की समृद्धि (अखिलार्थसम्पदम्) प्रदान करता है।
अर्थात यह भौतिक इच्छाओं (धन, संपत्ति, सफलता) और आध्यात्मिक इच्छाओं (मुक्ति) दोनों को पूर्ण करता है।
फलश्रुति (श्लोक 10) में स्पष्ट है: चन्द्रशेखर स्वयं उसे पूर्ण आयु, निरोगी जीवन (आरोगिताम्), सम्पूर्ण धन-संपदा (अखिलार्थसम्पदम्) देते हैं।





