विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक, विशेषकर वेद मंत्रों (रुद्राष्टाध्यायी) द्वारा किया गया, व्यक्ति के सभी कष्टों को हर लेता है।
रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, और कुंडली से पातक कर्म तथा महापातक भी भस्म हो जाते हैं।
शास्त्रों में इसका महात्म्य बताते हुए कहा गया है कि यह सभी पापों का नाश करता है, नकारात्मक ऊर्जाओं को हटाकर पूरे क्षेत्र में सकारात्मक कंपन उत्पन्न करता है।
भगवान शिव के पूजन का यह अद्वितीय महात्म्य है कि उनके अभिषेक से सभी देवताओं की पूजा स्वतः ही हो जाती है।





