विस्तृत उत्तर
हाँ। फलश्रुति स्पष्ट रूप से 'निरोगिताम्' (आरोग्य) का वचन देती है।
चूंकि मानसिक अशांति (चन्द्रदोष) कई शारीरिक रोगों का कारण बनती है, मन शांत होने पर शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।
शिव को 'भव रोगिणाम भेषजम्' (सांसारिक रोग की औषध) कहा गया है। चन्द्रशेखराष्टकम् के नियमित पाठ से रोगों से मुक्ति मिलती है।





