विस्तृत उत्तर
हाँ, नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र के पाठ से साधक को सभी प्रकार के ग्रह दोषों, तंत्र-मंत्र की बाधाओं और मृत्यु भय से मुक्ति मिलती है।
इस क्षमता के कारण, यह स्तोत्र ज्योतिषीय विष दोष (जैसे शनि और चंद्रमा के संयोजन से उत्पन्न) के दुष्प्रभावों को कम करने या नष्ट करने में भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है, जो मानसिक अशांति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनता है।





