विस्तृत उत्तर
इस स्तोत्र को 'अष्टकम्' (आठ श्लोकों वाला) कहा जाता है, क्योंकि इसमें मुख्य रूप से शिव के आठ विशिष्ट गुणों और लीलाओं का वर्णन करने वाले आठ श्लोक हैं।
हालाँकि, पारंपरिक और प्रामाणिक पाठों में कुल 10 श्लोक पाए जाते हैं। ये दस श्लोक इस प्रकार संरचित हैं: आह्वान, श्लोक 1 से 8 (शिव के दिव्य गुणों का वर्णन), श्लोक 9 (विश्वसृष्टि विधायिनम्) और श्लोक 10 (फलश्रुति)।





