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विस्तृत उत्तर
इस स्तोत्र को 'अष्टकम्' (आठ श्लोकों वाला) कहा जाता है, क्योंकि इसमें मुख्य रूप से शिव के आठ विशिष्ट गुणों और लीलाओं का वर्णन करने वाले आठ श्लोक हैं।
यह संरचना सुनिश्चित करती है कि साधक न केवल शिव के व्यक्तिगत गुणों की स्तुति करता है, बल्कि उनके सार्वभौमिक और नियंत्रक स्वरूप को भी स्वीकार करता है।
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