विस्तृत उत्तर
हाँ, फलश्रुति स्पष्ट करती है कि भक्तिपूर्वक पाठ करने वाला साधक दीर्घजीवी होता है और उसे समाज में सम्मान प्राप्त होता है।
फलश्रुति के अनुसार:
एतत् पठेदष्टकमिष्टदं यो भक्त्या स मान्यो भुवि दीर्घजीवी।
प्राप्नोति सौभाग्यमनंतकालं भूयात्सदा तस्य समस्तुसिद्धिः॥'
अर्थात: जो व्यक्ति भक्तिपूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करता है, वह संसार में सम्मानित होता है, दीर्घायु प्राप्त करता है, अनंत काल तक सौभाग्य पाता है और उसे सदैव समस्त सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं।





