विस्तृत उत्तर
हाँ, शक्ति की कृपा से इच्छाशक्ति, क्रिया शक्ति और समस्त भौतिक सफलताएं (कार्य सिद्धि, व्यापार सिद्धि) प्राप्त होती हैं।
गंभीर साधकों द्वारा कार्य सिद्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु सवा लाख से 5 लाख जप का अनुष्ठान किया जा सकता है, जो तांत्रिक साधनाओं में वर्णित है।
यह स्तोत्र शिव और शक्ति दोनों की कृपा का संयुक्त आह्वान होने के कारण समस्त सिद्धियां प्रदान करता है।





