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विस्तृत उत्तर
अर्धनारीश्वर स्तोत्र शिव और शक्ति, दोनों की कृपा का संयुक्त आह्वान है। इसलिए इसका नियमित पाठ साधक को 'समस्त सिद्धियाँ' प्रदान करता है:
- ▸शिव की कृपा से: ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति
- ▸शक्ति की कृपा से: इच्छाशक्ति, क्रिया शक्ति और समस्त भौतिक सफलताएं (कार्य सिद्धि, व्यापार सिद्धि)
फलश्रुति के अनुसार: भक्तिपूर्वक पाठ करने वाला संसार में सम्मानित होता है, दीर्घायु होता है और उसे अनंत काल तक सौभाग्य प्राप्त होता है।
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