विस्तृत उत्तर
श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम् के अनुसार, इस साधना के श्रवण, मनन और ध्यान से साधक 'सर्वत्मत्व महाविभूति' (आत्म-साक्षात्कार की महान स्थिति) प्राप्त करता है। इसके साथ ही उसे 'अष्टधा ऐश्वर्यम्' (आठ सिद्धियाँ) भी बिना किसी बाधा के प्राप्त होती हैं।





