विस्तृत उत्तर
श्री मेधो दक्षिणामूर्ति स्वरूप के पूजन में प्रयोग होने वाला मूल मंत्र इस प्रकार है:
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधाम् प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
यह मंत्र भगवान दक्षिणामूर्ति को नमस्कार करते हुए ज्ञान की दो प्रमुख धाराओं—स्मृति और विवेक—की याचना करता है। 'ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये' का अर्थ है उन भगवान दक्षिणामूर्ति को मेरा नमस्कार है। 'मह्यं मेधाम् प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा' का अर्थ है मुझे मेधा (स्मरण शक्ति) और प्रज्ञा (विवेकपूर्ण ज्ञान) प्रदान करें, मैं यह समर्पण (स्वाहा) करता हूँ।





