विस्तृत उत्तर
मानसिक जप को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह साधना के फल को बाहरी हस्तक्षेप या नकारात्मक शक्तियों से गुप्त रखता है। इससे मन स्थिर होता है और आंतरिक एकाग्रता बढ़ती है, जो आत्म-अनुभूति के लिए आवश्यक है। यदि साधक इसमें सक्षम न हो, तो उसे उपांशु (फुसफुसाहट) से शुरुआत करनी चाहिए।





