विस्तृत उत्तर
भगवान को कुंकुम (Saffron) अर्पित करते समय 'श्री मेधो दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तरशतनामावली' का पाठ करना चाहिए। नामावली के प्रत्येक नाम के अंत में 'नमः' लगाकर कुंकुम अर्पित किया जाता है, जो भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति को दर्शाता है।
कुंकुम चढ़ाते समय भगवान दक्षिणामूर्ति के 108 नामों (अष्टोत्तरशतनामावली) का पाठ करना चाहिए।
भगवान को कुंकुम (Saffron) अर्पित करते समय 'श्री मेधो दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तरशतनामावली' का पाठ करना चाहिए। नामावली के प्रत्येक नाम के अंत में 'नमः' लगाकर कुंकुम अर्पित किया जाता है, जो भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति को दर्शाता है।
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