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विस्तृत उत्तर
दक्षिणामूर्ति साधना का परम फल जन्म-मरण के दुःख का छेदन (जननमरणदुःखच्छेददक्षं) और आत्म-साक्षात्कार है। यह साधक को आध्यात्मिक शक्ति, बुद्धि की तीव्रता, मानसिक शांति और अंततः परम मुक्ति प्रदान करती है। साधक को ब्रह्म के साथ एकत्व का जीवित अनुभव प्राप्त होता है।
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