का सरल उत्तर
इसका परम फल जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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