सिद्धियाँ न छोड़ने वाला योगी क्या कर सकता है का सबसे सीधा सार यह है: जो योगी लोककल्याण या लीला के लिए सिद्धियाँ नहीं छोड़ता, वह आकाश में क्रीड़ा, वेदार्थ वचन, काव्यरचना और पशु-पक्षी ध्वनि का ज्ञान कर सकता है।
योगी की शक्तियाँ जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है. उपलब्ध स्रोत श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 9, PDF पृष्ठ 56-57, श्लोक 56-60 इस दिशा को मजबूत आधार देता है।
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर का शास्त्रीय आधार देखने के लिए श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 9, PDF पृष्ठ 56-57, श्लोक 56-60 के उल्लेख को ध्यान से पढ़ें।
•योगी की शक्तियाँ श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।