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विस्तृत उत्तर
वैष्णव पद ब्राह्म ऐश्वर्य के तत्त्वों से जुड़ा बताया गया है। पाठ में कहा गया है कि ये ब्राह्म ऐश्वर्य के तत्त्व हैं और ये ही प्रधानसम्बन्धी वैष्णव पद हैं। उस गुण को ब्रह्मा के बिना कोई नहीं जान सकता। इसके बाद कहा गया है कि उस वैष्णव पद से भी परे शैव पद है, जिसे विष्णु भी नहीं जानते। इस प्रकार वैष्णव पद से ऊपर शुद्ध शिवात्मक तत्त्व की बात रखी गई है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 9, PDF पृष्ठ 56, श्लोक 50-51
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