लिंग तत्त्वलिंगी किसे कहा गया है?परमेश्वर को लिंगी कहा गया है, जबकि प्रधान को लिंग कहा गया है।#लिंगी#परमेश्वर#लिंग
लिंग तत्त्वशिवलिंग क्या है?लिंग को प्रधान कहा गया है और आगे वही लिंगरूप प्रणव सभी लोकों की सृष्टि करने वाला बताया गया है।#शिवलिंग#लिंग#प्रधान
शैव पद और वैराग्यवैष्णव पद क्या बताया गया है?ब्राह्म ऐश्वर्य के तत्त्वों को प्रधानसम्बन्धी वैष्णव पद बताया गया है।
प्रलयसृष्टि और प्रलय का कारण क्या बताया गया है?गुणों की विषमता से सृष्टि और गुणों के साम्य से प्रलय बताया गया है; दोनों का हेतु महेश्वर हैं।#सृष्टि#प्रलय#गुण
प्रलयप्रलय के बाद क्या बचता है?प्रलय के बाद केवल प्रधान यानी प्रकृति और पुरुष रह जाते हैं।#प्रलय#प्रधान#प्रकृति
ब्रह्माण्ड वर्णनकरोड़ों ब्रह्माण्डों की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?प्रधान प्रकृति सदाशिव के आश्रय से करोड़ों ब्रह्माण्डों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का सृजन करती है।#करोड़ों ब्रह्माण्ड#प्रधान#सदाशिव
ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड के सात आवरण कौन से हैं?अण्ड के सात प्राकृत आवरण जल, तेज, वायु, आकाश, तामस अहंकार, महत्तत्त्व और अव्यक्त प्रधान बताए गए हैं।#ब्रह्माण्ड#सात आवरण#जल
प्रकृति तत्त्वप्रकृति को लिंग क्यों कहा गया है?प्रकृति को लिंग कहा गया है क्योंकि प्रधान प्रकृति शब्द-स्पर्श-रूप-रस-गन्धादि से संयुक्त उत्तम लिंग बताई गई है।#प्रकृति#लिंग#प्रधान
शिव तत्त्वलिंग तत्त्व क्या है?लिंग तत्त्व प्रधान प्रकृति है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से संयुक्त बताई गई है।#लिंग तत्त्व#प्रकृति#प्रधान
आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व64 योगिनियों में महामाया का क्या स्थान है?64 योगिनियों के चक्र में महामाया = सर्वोच्च स्थान + प्रधान। उनकी मूर्ति अन्य 63 योगिनियों से आकार में बड़ी होती है।#64 योगिनी#सर्वोच्च स्थान#प्रधान