विस्तृत उत्तर
शिवलिंग के बारे में ब्रह्मा ने देवताओं से कहा कि प्रधान को लिंग और परमेश्वर को लिंगी कहा गया है। आगे लिंगरूप प्रणव का भी वर्णन मिलता है। उसी से अकार, उकार और मकार रूप तीन प्रकार का ईश्वर बताया गया है। अंड से चतुर्मुख ब्रह्मा प्रकट हुए और वही लिंगरूप प्रणव सभी लोकों की सृष्टि करने वाला कहा गया। इसलिए स्रोत में लिंग केवल बाहरी चिह्न नहीं, बल्कि प्रधान, प्रणव, सृष्टि-कारण और परमेश्वर से जुड़ा तत्त्व है।
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