विस्तृत उत्तर
विष्णु ने वाराह रूप लिंग के मूल का पता लगाने के लिए लिया। ज्योतिर्मय लिंग को देखकर विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि हमें इस अग्नि-उद्भूत लिंग का पता लगाना चाहिए। उन्होंने नीचे जाने का निश्चय किया और ब्रह्मा से ऊपर जाने को कहा। इसके बाद विश्वात्मा विष्णु ने विशाल कृष्णवाराह रूप धारण किया। वह रूप नीले अंजन के समूह जैसा, मेरु पर्वत के समान शरीर वाला, तीक्ष्ण दंष्ट्राओं वाला और अपराजेय बताया गया है। वे एक हजार वर्ष नीचे गए, पर लिंग का मूल नहीं पा सके।
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