विस्तृत उत्तर
सद्योजात मंत्र पाँच शिव मंत्रों में यजुर्वेद से प्रादुर्भूत बताया गया है। यह आठ कलाओं वाला, श्वेतवर्ण, शान्तिकारक और पैंतीस अक्षरों से युक्त पवित्र मंत्र कहा गया है। पाठ में इसे सद्योजातं प्रपद्यामि से आरम्भ होने वाले मंत्र के रूप में सूचित किया गया है। उमा सहित महेश्वर के दर्शन के बाद विष्णु को यह मंत्र ईशान, तत्पुरुष, अघोर और वामदेव मंत्रों के साथ दिखाई दिया और पाँचों को प्राप्त करके उन्होंने जप आरम्भ किया।
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