विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा ने हंस रूप लिंग का ऊपरी अंत जानने के लिए लिया। विष्णु ने कहा कि वे नीचे जाकर अग्नि-स्तंभ का मूल खोजेंगे और ब्रह्मा प्रयत्नपूर्वक ऊपर जाएँ। तब विष्णु ने वाराह रूप धारण किया और ब्रह्मा शीघ्र हंस रूप में हो गए। ब्रह्मा अत्यन्त श्वेत वर्ण, अग्नि जैसे नेत्र और चारों ओर पंखों से युक्त बताए गए हैं। वे मनरूपी वायु के वेग से ऊपर की ओर गए, पर लिंग का अंत न देखकर थके हुए नीचे लौट आए।
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