विस्तृत उत्तर
शिवलिंग की उत्पत्ति ब्रह्मा और विष्णु के विवाद को शांत करने के प्रसंग में बताई गई है। देवताओं और ऋषियों ने पूछा कि लिंग कैसे उत्पन्न हुआ और उसमें महेश्वर की पूजा कैसे की जाए। ब्रह्मा ने कहा कि प्रधान को लिंग और परमेश्वर को लिंगी कहा गया है। प्रलय-सागर के बीच ब्रह्मा और विष्णु में शत्रुता-भाव से संग्राम होने लगा, तभी दोनों के कलह को दूर करने और ज्ञान प्रदान करने के लिए एक ज्योतिर्मय लिंग प्रकट हुआ। वह हजारों अग्नि-ज्वालाओं से युक्त, क्षय-वृद्धि से रहित और आदि-मध्य-अन्त से हीन बताया गया है।
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