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लिंग प्रश्नोत्तरी — 14 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित लिंग विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 14 प्रश्न

लिंग तत्त्व

शिवलिंग को लिंग क्यों कहा जाता है?

क्योंकि यह समग्र जगत को अपने में लय करता है, इसलिए इसे लिंग कहा गया है।

शिवलिंगलिंगजगत का लय
लिंग रूप

लिंग और लिंगी क्या हैं?

विष्णु स्तुति में शिव को ऊर्ध्व लिंग, लिंगी, हेमलिंग, जललिंग और शिवलिंग रूप में नमस्कार किया गया है।

लिंगलिंगीऊर्ध्व लिंग
उमा-महेश्वर

उमा-महेश्वर कैसे प्रकट हुए?

ब्रह्मा-विष्णु की वैदिक स्तुति से प्रसन्न होकर महेश्वर लिंग में शब्दमय रूप से प्रकट हुए और उमा सहित दर्शन दिए।

उमा महेश्वरमहेश्वरलिंग
शब्दमय शिव

शब्दमय शिव रूप क्या है?

वेदमंत्रों से स्तुति के बाद महेश्वर लिंग में दिव्य शब्दमय रूप धारण कर प्रकट हुए, जिनका शरीर अक्षरों से बताया गया।

शब्दमय शिवमहेश्वरलिंग
प्रणव ओम्

ओम् नाद कैसे प्रकट हुआ?

ब्रह्मा और विष्णु के प्रणाम और विचार के बाद वहाँ स्पष्ट प्लुत स्वर से ओम्-ओम् नाद सुनाई पड़ा।

ओम्नादप्रणव
ज्योतिर्लिंग

ज्योतिर्मय अग्नि-स्तंभ क्या था?

ज्योतिर्मय अग्नि-स्तंभ वही लिंग था जो ब्रह्मा-विष्णु के कलह को दूर करने और ज्ञान देने के लिए प्रकट हुआ।

ज्योतिर्मय अग्नि स्तंभलिंगब्रह्मा
लिंग तत्त्व

लिंगी किसे कहा गया है?

परमेश्वर को लिंगी कहा गया है, जबकि प्रधान को लिंग कहा गया है।

लिंगीपरमेश्वरलिंग
लिंग तत्त्व

शिवलिंग क्या है?

लिंग को प्रधान कहा गया है और आगे वही लिंगरूप प्रणव सभी लोकों की सृष्टि करने वाला बताया गया है।

शिवलिंगलिंगप्रधान
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिव का ध्यान कहाँ करना चाहिए?

शिव ने कहा कि ब्रह्मा और विष्णु ने समुद्र में जिस लिंग का दर्शन किया था, उसी में उनका ध्यान करना चाहिए।

शिव ध्यानलिंगश्रद्धा
शिव तत्त्व

व्यक्त और अव्यक्त रूप क्या हैं?

लिंग को व्यक्त और अलिंग को अव्यक्त रूप कहा गया है; दोनों रूप शिवात्मक बताए गए हैं।

व्यक्तअव्यक्तलिंग
शिव तत्त्व

सगुण और निर्गुण शिव में क्या अंतर है?

निर्गुण शिव अलिंग हैं और सगुण रूप लिंग यानी व्यक्त प्रकृति से जुड़ा बताया गया है।

सगुण शिवनिर्गुण शिवलिंग
प्रकृति तत्त्व

शिव और प्रकृति का संबंध क्या है?

निर्गुण शिव प्रकृति के मूल कारण हैं और शिव की दृष्टि से प्रकृति शैवी कही गई है।

शिवप्रकृतिशैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति को लिंग क्यों कहा गया है?

प्रकृति को लिंग कहा गया है क्योंकि प्रधान प्रकृति शब्द-स्पर्श-रूप-रस-गन्धादि से संयुक्त उत्तम लिंग बताई गई है।

प्रकृतिलिंगप्रधान
शिव तत्त्व

लिंग माहात्म्य का सरल अर्थ क्या है?

लिङ्गमाहात्म्य का भाव लिङ्ग से जुड़ी पवित्र महिमा और कथा-विषय से है।

लिंग माहात्म्यलिङ्गमाहात्म्यलिंग

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।