विस्तृत उत्तर
वैखरी (Vaikhari): यह भौतिक और श्रव्य (Audible) ध्वनि है (क्रिया शक्ति)। इसकी उत्पत्ति और अनुभूति का केंद्र मुख, जिह्वा और ओष्ठ है।
जब मध्यमा वाणी प्राण वायु के सहारे कंठ, होंठ और दांतों से टकराकर बाहर निकलती है और श्रोता के कानों तक पहुँचती है, तो उसे वैखरी कहते हैं। भौतिक संसार केवल इसी वाणी को जानता है।
ऋग्वेद (१.१६४) में भी उल्लेख है कि वाणी के तीन भाग गुहा (भीतर) छिपे रहते हैं, मनुष्य केवल चौथे भाग (वैखरी) को ही बोलते हैं।





