विस्तृत उत्तर
यह स्तोत्र आंतरिक संघर्षों को समाप्त करने में अत्यधिक प्रभावी है।
चूंकि यह रूप समस्त विरोधाभासों का समन्वय करता है, इसलिए इसका पाठ करने से साधक मानसिक द्वंद्वों (जैसे, कर्त्तव्य और वैराग्य के बीच संघर्ष) से मुक्त होकर स्पष्ट सोच और आंतरिक शांति प्राप्त करता है।
आधुनिक संदर्भों में, यह आंतरिक पुरुष और स्त्री ऊर्जा के सामंजस्य को स्थापित करने में भी सहायक माना जाता है।





