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विस्तृत उत्तर
मानसिक शांति और आंतरिक द्वंद्वों के समाधान के लिए, इस स्तोत्र का नियमित अभ्यास (संभव हो तो कंठस्थ करके) 41 सप्ताह तक किया जाना चाहिए।
गंभीर साधकों द्वारा कार्य सिद्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु सवा लाख से 5 लाख जप का अनुष्ठान किया जा सकता है, जो तांत्रिक साधनाओं में वर्णित है।
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