विस्तृत उत्तर
ऋष्यादि न्यास में निम्नलिखित क्रम से न्यास किया जाता है:
- ▸ऋषि (श्री ब्रह्मा) — शिरसि (सिर पर): 'श्री ब्रह्मा ऋषये नमः'
- ▸छंद (अनुष्टुप) — मुखे (मुख पर): 'अनुष्टुप छन्दसे नमः'
- ▸देवता (श्री नीलकंठ सदाशिव) — हृदि (हृदय पर): 'श्री नीलकंठ सदाशिव देवतायै नमः'
- ▸बीज (ब्रह्म बीज) — लिंगे (गुह्य भाग पर): 'ब्रह्म बीजाय नमः'
- ▸शक्ति (पार्वती) — नाभौ (नाभि पर): 'पार्वती शक्त्यै नमः'
- ▸विनियोग — सर्वांगे (संपूर्ण शरीर पर)





