ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
लोक⏱ 1 मिनट पठन

शिव जी का गला नीला क्यों हुआ?

संक्षिप्त उत्तर

हलाहल विष कंठ में रुकने से शिव जी का गला नीला हो गया।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव जी का गला हलाहल विष के कारण नीला हुआ। समुद्र मंथन से जब प्रलयंकारी विष निकला, तब शिव जी ने सृष्टि की रक्षा के लिए उसे पी लिया। माता पार्वती ने उनके गले को पकड़ लिया ताकि विष उनके पेट में न जाए और भीतर स्थित जगत को हानि न पहुँचे। विष शिव जी के कंठ में ही रुक गया। उसका प्रभाव इतना तीव्र था कि उनका उज्ज्वल कंठ नीला पड़ गया। इसी घटना के बाद भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाने लगा। यह नाम उनके त्याग और करुणा की याद दिलाता है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शिव जी का गला नीला क्यों हुआ को संदर्भ सहित समझें

शिव जी का गला नीला क्यों हुआ का सबसे सीधा सार यह है: हलाहल विष कंठ में रुकने से शिव जी का गला नीला हो गया।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

लोक श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

लोक प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

नीलकंठशिव गला नीलाहलाहल
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव जी का गला नीला क्यों हुआ — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको लोक से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#नीलकंठ#शिव गला नीला#हलाहल