ऋष्यादि न्यास में ऋषि (सिर पर), छंद (मुख पर), देवता (हृदय पर), बीज (गुह्य भाग पर), शक्ति (नाभि पर) और विनियोग (संपूर्ण शरीर पर) स्थापित किया जाता है।
- 1ऋषि (श्री ब्रह्मा) — शिरसि (सिर पर): 'श्री ब्रह्मा ऋषये नमः'
- 2छंद (अनुष्टुप) — मुखे (मुख पर): 'अनुष्टुप छन्दसे नमः'
- 3देवता (श्री नीलकंठ सदाशिव) — हृदि (हृदय पर): 'श्री नीलकंठ सदाशिव देवतायै नमः'
- 4बीज (ब्रह्म बीज) — लिंगे (गुह्य भाग पर): 'ब्रह्म बीजाय नमः'
- 5शक्ति (पार्वती) — नाभौ (नाभि पर): 'पार्वती शक्त्यै नमः'
- 6विनियोग — सर्वांगे (संपूर्ण शरीर पर)