विस्तृत उत्तर
नीलकंठ स्तोत्र का अनुष्ठान आरंभ करने के लिए सावन (श्रावण मास) का महीना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इसका कारण यह है कि इस महीने में भगवान शिव की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
यह स्तोत्र उग्र और त्वरित फलदायी है, इसलिए शुभ माह में अनुष्ठान आरंभ करने से और भी शीघ्र फल प्राप्त होता है।





